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Ankit Srivastava

Others

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Ankit Srivastava

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भाई

भाई

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एक कमी सी थी भाई की कब से,

पूरी हुई साथ आए आप जब से।


होती है बाते जो नहीं जानते सब,

छोटी ही सही लेकिन जानते हो आप अब।


हंँसना, बोलना, साथ बैठना तो करते है भाई सब,

अच्छे से मुझे समझना, साथ खड़ा होना, और

हर जरूरत पे साथ देना, करते हो सिर्फ आप अब।


शादी हो बहन की या फिर हो कोई तीज

तुम हर पल खड़े रहते हो ऐसे हम सबके बीच।


मुझसे ज्यादा सबका हो जाना,

और खुद ही सब में ढल जाना,

कर सकता है कोई आपके सिवा?


बिन कहे खुद ही समझ जाना,

और भाई की जिम्मेदारी उठाना 

कर सकता है कोई आपके सिवा?


लोग कहते हम सगे नहीं पर कुछ रिश्ते उसके मोहताज नहीं,

साथ हैं, साथ होंगें एक दूसरे के लिए हमेशा खड़े होगे...


एक कमी थी भाई की जो पूरी हुई अब आप से।।


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