STORYMIRROR

Babita Kushwaha

Others

2  

Babita Kushwaha

Others

बेटा बेटी एक समान

बेटा बेटी एक समान

1 min
108

कहने को तो बेटा बेटी एक समान,

फिर क्यों है इतना अंतर ये बताये जनाब,

क्यों एक है पराई और दूसरा घर की शान,

एक के हिस्से काम और दूसरे के हिस्से आराम,

एक है घर पर बोझ और दूसरा घर का अभिमान,

एक के हिस्से हर पाबंदी और दूसरा खुली लगाम,

कहने को तो बेटा बेटी एक समान,

फिर क्यों है इतना अंतर ये बताये जनाब,



Rate this content
Log in