Travel the path from illness to wellness with Awareness Journey. Grab your copy now!
Travel the path from illness to wellness with Awareness Journey. Grab your copy now!

तरुण आनंद

Others

4.8  

तरुण आनंद

Others

अनमोल रिश्ता

अनमोल रिश्ता

1 min
77


जिस दिन का बेसब्री से रहता 

हर प्यारी बहना को इंतजार,

उस दिन को हम कहते है 

रक्षा बंधन का त्योहार । 

 

कभी लड़ाई तो कभी मनुहार 

भाई बहन का ऐसा ही प्यार, 

इस रिश्ते का ना कोई मोल 

ऐसा ही है राखी का त्योहार । 

 

माँ बनाती पुए पकवान 

भाई आज बना शैतान,

बहना राखी बांधने को 

है सुबह से ही परेशान । 

 

रेशम के इस धागे मे बसा

है प्यारी बहना का दुलार, 

ये पवित्र रिश्ता है ऐसा

मिट जाए लम्हो का एहसास ।


जिसकी नहीं है कोई बहना 

सारा जीवन है उसे दुख सहना, 

कमी ऐसी खलती है उसे की 

जैसे कम हो अपना एक गहना ।


Rate this content
Log in