STORYMIRROR

Vandana Kumari

Others

2  

Vandana Kumari

Others

अंदाज

अंदाज

1 min
205

पलकों के पालने में,

पाला था जिसको नाज से।

दूर रखा था जिसको,

हर रस्म हर रिवाज से।

डर जाते थे हम,

जिसके चटकने के ख्याल से।

तोड़ दिया वो सपना "बंदे"

तुमने बोलने के अंदाज से।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन