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Vandana Kumari

Others

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Vandana Kumari

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अंदाज

अंदाज

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पलकों के पालने में,

पाला था जिसको नाज से।

दूर रखा था जिसको,

हर रस्म हर रिवाज से।

डर जाते थे हम,

जिसके चटकने के ख्याल से।

तोड़ दिया वो सपना "बंदे"

तुमने बोलने के अंदाज से।


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