STORYMIRROR

Pradip Hiwarkhede

Others

2  

Pradip Hiwarkhede

Others

आरजू

आरजू

1 min
147

अब ना आरजू है तुमसे मिलने की, 

ना ख्वाईश है तुमको रिझाने की,

तमन्ना तो थी कि हमारी भी

एक कहानी हो,

ना नजर लगे जिसको वो रवानी हो,  

लेकिन शायद ना ये तकदीर 

को मंजूर होगी, 

या हमारी दुआ तुम्हारे लिये

किसी से कम होगी।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन