STORYMIRROR

Amit Tiwari

Romance

3  

Amit Tiwari

Romance

मोहब्बत नहीं होती

मोहब्बत नहीं होती

1 min
21

   

चाहे कुछ कर लूं, अब मुझे मोहब्बत नहीं होती,

किसी दिल की इस दिल को अब चाहत नहीं होती..


यू भी नहीं की किसी के होने की, 

इस दिल को अब आहट नहीं होती.. 

बस कभी तो उसकी दस्तक नहीं होती, 

कभी कौन हैं, ये देखने की हमारी हसरत नहीं होती.. 


ऐसा भी नहीं किसी का साथ हमे नागवारा है,

यूँ है की, अकेलेपन से अब हमे फुर्सत नहीं होती..


कोई साथ मिल भी गया तो कुछ हासिल ना हुआ, 

कभी मंज़िल नहीं होती, कभी राहें नहीं होती...


नसीब कब कहा किसी के हिसाब का होता है, 

कही सवेरा नहीं होता, कही रातें नहीं होती... 


जिंदगी मे कुछ हासिल हो, इस कोशिश मे, 

कुछ और सोचने की फुर्सत नहीं होती, 

शायद यही वजह हैं... 

"की अब हमें मोहब्बत नहीं होती !"


 


Rate this content
Log in

Similar english poem from Romance