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Tr Shama Parveen

Children Stories

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Tr Shama Parveen

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शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस

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मीना-,"माँ! आज शिक्षक दिवस हैं। मुझे जल्दी से तैयार कर दीजिये। मुझे आज स्कूल समय से जाना हैं। आज स्कूल में शिक्षक दिवस मनाया जायेगा।"


माँ-,"ठीक हैं बेटा! मै तुम्हें तैयार कर देती हूँ, पर तुम पहले नास्ता कर लो। हाँ, और ये बताओ! अभी तुमने किया बताया शिक्षक दिवस में क्या होता हैं, शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?"


मीना-,"अरे माँ! आप को नहीं पता, आज शिक्षक दिवस हैं। आज के दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिन है। उनकी याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है वह बहुत प्यारे शिक्षक थे। हमारे देश में सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने शिक्षा और शिक्षक के लिए पुरजोर कोशिशें की, वह खुद एक बेहतरीन शिक्षक थे। आज महान शिक्षाविद और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (5 सितंबर 1888- 17 अप्रैल 1975) का जन्म दिवस है। आपकी जयंती को शिक्षक दिवस (Teachers Day) के रूप मे मनाया जाता है।राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे।... डॉ राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे। उनका मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है। अत: विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए। उनका कहना था कि जहाँ-कहीं से भी कुछ सीखने को मिले, उसे अपने जीवन में उतार लेना चाहिए।..आज भी हमारे विद्यालय में बहुत प्यारे-प्यारे शिक्षक हैं इसलिए सभी लोग मिलकर शिक्षक दिवस मनायेंगे। मेरा विद्यालय खूब सजा होगा। रंग-बिरंगे बलून लगे होंगे, हर तरफ सजावट होगी। हेड मास्टर साहब मिठाइयाँ मँगवायेंगे। हम बच्चे लोग सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देंगे, फिर सभी लोग मिलकर शिक्षक दिवस मनायेंगे।"


माँ- ,"तब तो आज बड़ा मजा आएगा विद्यालय में!"


मीना- ,"हाँ, माँ! आज विद्यालय में बहुत अच्छा लगेगा। वैसे तो रोज अच्छा लगता है मेरा विद्यालय अच्छा है ही, पर आज और भी अच्छा लगेगा।...अगर आपको भी शिक्षक दिवस देखना है, तो आप भी विद्यालय आ जाइयेगा क्योंकि आज विद्यालय में अभिभावक मीटिंग भी है। आप आयेंगी तो आपको भी अच्छा लगेगा और मुझे भी।"


माँ-," ठीक है बेटा! मैं घर का काम करके विद्यालय आ जाऊँगी अब तुम स्कूल जाओ।"


मीना-," ठीक है माँ! मैं विद्यालय जा रही हूँ। माँ सुनो!"


माँ-,"अब किया हुआ मीना? तुम अभी गयी नहीं।"


मीना-,"माँ! मैनें आर्ट की कॉपी पर सारे शिक्षकों के लिए शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ लिखी हैं। प्यारे-प्यारे रंगों से कलर भी किया है। आप एक बार देख ले।.. अगर अच्छा हो, तभी ले जाऊं, वरना न ले जाऊँ।"


माँ-," जरा मुझे भी तो दिखाओ, कैसे बनाया है? तभी तो बताऊँगी कि कैसा बना है।"


मीना-,"ये देखों माँ! खूब मेहनत और प्यार से बनाया हैं।"


माँ-,"अरे वाह! बहुत सुन्दर अद्भुत बहुत प्यारी कला हैं। सभी शिक्षक इसे देखकर बहुत खुश होंगे। तुम्हें आशीष देंगे। अब जाओ मीना! वरना स्कूल के लिए देर हो जाएगी।"


मीना-," खुशी-खुशी विद्यालय चली गयी। विद्यालय पहुँचकर मीना ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ सभी शिक्षकों को दीं और सभी शिक्षकों को एक साथ चित्रकला भेंट की। सभी शिक्षकों ने मीना का उपहार स्वीकार करते हुए मीना के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए हर्षोल्लास के साथ विद्यालय में शिक्षक दिवस मनाया।"



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