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Vimla Jain

Others

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एक अरबपति की सच्ची मोहब्बत

एक अरबपति की सच्ची मोहब्बत

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अरबपति से मोहब्बत।मोहब्बत करने का हक तो सबको है ।भले ही वह अरबपति हो या लखपति या का खकपति मोहब्बत तो मोहब्बत है ।पैसे देख कर थोड़ी होती है पैसे देखकर होती है वह मोहब्बत नहीं है।

टीना रोज सुबह उठकर घूमने के लिए और दौड़ने के लिए एक गार्डन में जाया करतीथी। उसका रूटीन थावोएक हेड मास्टर की बेटी थी। देखने में साधारण मगर आत्मविश्वास और आंतरिक सौंदर्य उसमें कूट कूट कर भरा था। और लोगों की सेवा करने की भावना बहुत ज्यादा थी। वह जाती स्ट्रीट के बच्चों को इकट्ठा करती। उन लोगों को पढ़ाती। दैनिक साफ सफाई का ज्ञान। और भी बहुत कुछ काम करती थी। बड़े बूढ़ों की मदद करना यह सब उसके काम में शामिल था ।मतलब है बहुत अच्छी समाज सेविका थी। और साथ में उसने समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन भी करा हुआ था। उसका रोज काम करना, रोज बच्चों को पढ़ाना ,और समाज सेवा करना, राजेश के नजरों से बच ना सका।

वह एक बहुत बड़ा अरबों पति बिजनेसमैन था। जिसने अपने बलबूते पर बहुत बड़ा बिजनेस खड़ा किया था। अपने पुरखों के बिजनेस को आगे पहुंचा रहा था। विदेश से फाइनेंस की डिग्री लेकर वापस इंडिया में आया, अपने पिताजी के काम को आगे बढ़ाया। किसी बीच उसकी शादी के चर्चे होने लगे ।बहुत सारी उद्योगपति परिवार की लड़कियां उसके पैसे को उसके स्मार्टनेस को देखकर उससे शादी करने तैयार थी। मगर वह फैशन की पुतलियों से शादी नहीं करना चाहता था ।वह चाहता था कोई ऐसी लड़की, जो उसके पैसे को नहीं उसको प्यार करें ।मगर जाहिर है कि अगर वह अपनी गाड़ी में जाएगा, अपने रुतबे के साथ जाएगा, तो उसके पैसे उसके रुतबे को देख कर के लोग उसकी तरफ आकर्षित होंगे होंगे पर उसके पैसे की तरफ ज्यादा।

तो उसने सोचा कि क्यों ना मैं एक साधारण इंसान की तरह थोड़े दिन व्यवहार करूं। मेरे को कोई अच्छी लड़की मिल जाएगी ।यह सोच वह रोज सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए उसी गार्डन में जाने लगा। जहां टीना जाती थी और दौड़ती थी घूमती थी और उसके बाद अपने सामाजिक कार्यों में मस्त हो जाती थी। उसे दीन दुनिया की कोई चिंता नहीं थी। कोई खबर नहीं थी। वह कामों में मस्त हो कर के अपने आप में मगन हो कर काम करती रहती कभी बच्चों को पढ़ाने का कभी बड़ों की मदद करने का उसका वह सब चलता ही रहता ।उसको ऐसे बच्चों को पढ़ाते हुए और लोगों को मदद करते हुए राजेश ने दो चार बार देखा था। तब तो उसने ध्यान नहीं दिया। मगर जब वह गार्डन में गया और उसने उसको पास से देखा। थोड़ी-थोड़ी हेलो हाय होने लगी। उसके बाद कैसे हो कैसे होने लगी। उसके बाद दोस्ती हो गई। मगर राजेश ने बताया नहीं कि वह क्या करता है। ना उस लड़की टीना ने बताया कि वह क्या करती है, और ना कुछ पूछा। बस रूटीन दोस्ती उनकी चलती रही।

कभी-कभी घूमते फिरते साथ में बातें करते हुए फिर अपने-अपने रस्ते चले जाते ।

थोड़े दिन बाद एक दिन टीना नहीं आई, तो राजेश उसको ढूंढने लगा कि वह क्यों नहीं आई ।उसका उस दिन घूमने में ,और काम में मन नहीं लगा। उसको लगा कि मैं इस लड़की को पसंद करने लगा हूं। इसीलिए मेरा मन नहीं लग रहा है। क्या यह लड़की मुझे पसंद करेगी, इससे मैंने कभी पूछा भी नहीं । मैं दोस्ती से हाय हलो और थोड़ी सी दोस्ती से ज्यादा कुछ हुआ भी नहीं ।

उसने अपने दिल की आवाज सुनी ,और टीना से वापस मिलने का इंतजार करने लगा। एक दो-तीन दिन बाद टीना जब सुबह घूमने आई ।तब उसने उससे पूछा कि तुम 2 दिन आए क्यों नहीं, तो टीना ने बताया कि इसकी पिताजी की तबीयत ठीक नहीं है ।जब बात पिताजी पर आई तो राजेश ने पूछा तुम्हारे पिताजी क्या करते हैं तो टीना ने बताया कि वह हेड मास्टर है।

मगर उसने उस समय भी राजेश से नहीं पूछा कि तुम क्या करते हो, कहां रहते हो ।

तो फिर राजेश को लगा मुझे ही पहल करनी पड़ेगी ।तो उसने उससे पूछा कि क्या तुम मुझको पसंद करती हो। मैं तुमको पसंद करता हूं ।और तुमसे शादी करना चाहता हूं।

टीना ने कहा हां मैं तुमको पसंद करती हूं। मगर मैं शादी तभी करुंगी जब मेरे पिता जी तुमको पसंद करेंगे ।राजेश एक साधारण इंसान के जैसे उनके घर गया उसके पिता से बात करी उसके पिता को देखते ही रह पहचान गया कि अरे यह तो मेरे हेड मास्टर साहब है जिन्होंने मुझे पढ़ाया था ।पिता उसको पहचान गए और कुछ बोलने लगे. तो उसने इशारे से मना करा। और उनसे पूछा कि क्या मैं आपकी लड़की से शादी करने के लिए आपको पसंद हूं। उसके पिता को तो जैसे मुंह मांगी मुराद मिल गई।

उस लड़की को बताने के लिए कि वह उसको नहीं जानते हैं बोले मैं तुमको जानता नहीं हूं तुम कौन हो कहां से आए हो।

मैं तुमसे मेरी बेटी की शादी कैसे कर सकता हूं। जब तक मेरी बेटी हा नहीं करेगी ,मैं शादी के लिए तैयार नहीं ।टीना ने शादी के लिए हां करी.। उसके बाद उसके पिता ने यह राज खोला कि यह एक अरबपति लड़का है। जो स्वयं सिद्ध है। उसने बहुत मेहनत करके अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया है। और इतना अच्छा दामाद मिले तो मुझे क्या चाहिए ।राजेश बोलता है मैंने मेरी आइडेंटिटी छिपाकर के शादी के लिए प्रस्ताव रखा। और टीना ने मेरी आईडेंटिटी नहीं पूछी और वह मुझे पसंद करती है।

यह बताया और आपने भी उसकी पसंद को मान्य रखा। इसलिए मैं आपके सामने नतमस्तक हूं ।क्योंकि मैं हमेशा से चाहता था कि मेरी शादी जिस लड़की से हो वह मुझे पसंद करें। मेरे पैसे को नहीं। उसके पिता बोलते हैं मैं तो यह शादी बिल्कुल साधारण तरीके से ही करना चाहता हूं आर्य समाजी तरीके से। क्या तुम तैयार हो राजेश ने शादी के लिए हां कर दी ।

इस तरह एक अरबपति मोहब्बत को उसको सही मोहब्बत मिल गई जो पैसे को नहीं उसको पसंद करती थी।


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