Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
सहमी दुनिया
सहमी दुनिया
★★★★★

© Nyaya Murti Azad

Inspirational

1 Minutes   105    5


Content Ranking

कभी देख अपनी काबिल आँखों से ,सहमी इस दुनिया का सलीका |
बन्दूक ताने लोकतंत्र की बातें करते ,जालसाजी लोगों का तरीका |

नफरत का आलम इस कदर है
कि अमन की राह भी अब तो बन्दूक की नाली से होकर गुज़रती है|
और जो बाशिंदे भेजे थे मोहब्बत के आशियाँ बनाने
वो दायरों में सिमट ,मानवता की शहादत पे नफरत के घरोंदे बनाते जान पड़ते हैं|

सुन कभी वहशीपन की वो चीखें ,
हकीक़त की चिता की लपटों में सुलगती दुनिया की सलीका |

अमन के पैगाम की बात करने वाला ,आज सरहदों के नाके मोड़ता जान पड़ता है|
जन्नत जहन्नुम का उपदेश देने वाला ,लोगों की कब्र का दायरा तय करता दिखाई पड़ता है|

गिद्धों के इस बाज़ार में दुकाने सबके ईमान की सजी, कभी बिका तो कभी ख़रीदा गया
सौदा सब के ईमान का हुआ इस धर्मं के कारोबार में |

दहशत भरे इस मंज़र में सच लहूलुहान जान पड़ता है |
अपनी ही रूह का कत्ल कर,इंसानियत का वो फ़रिश्ता ,आज मातम मनाता सुनाई पड़ता है|

Human nature torn up world

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..