सौ ऊँट
सौ ऊँट
राजस्थान के एक गाँव में रहने वाला एक व्यक्ति हमेशा किसी समस्या से परेशान रहता था और इस कारण अपने जीवन से बहुत दुःखी था! एक दिन उसे कहीं से जानकारी प्राप्त हुई कि एक पीर बाबा अपने काफ़िले के साथ उसके गाँव में पधारे हे! उसने तय किया कि वह पीर बाबा से मिलेगा और अपने जीवन की समस्याओं के समाधान का उपाय पूछेगा! शाम को वह उस स्थान पर पहुँचा, जहाँ पीर बाबा से मिलने का अवसर प्राप्त हो गया! वह उन्हें प्रणाम कर बोला, "बाबा! मैं अपने जीवन में एक के बाद एक आ रही समस्याओं सेबहुत परेशान हूँ! एक से छुटकारा मिलता नहीं कि दूसरी सामने खड़ी हो जाती है! घर की समस्या, स्वास्थ्य की समस्या और जाने कितनी ही समस्यायें! ऐसा लगता है कि मेरा पूरा जीवन समस्याओं से घिरा हुआ है!
कृपा करके कुछ ऐसा उपाय बतायें कि मेरे जीवन की साड़ी समस्यायें खत्म हूँ जाए और मैं शांतिपूर्ण और ख़ुशहाल जीवन जी संकू! उसकी पूरी बात सुनने के बाद पीर बाबा मुस्कुराये और बोले, "बेटा! मैं तुम्हारी समस्या समझ गया हूँ! उन्हें हल करने के उपाय मैं तुम्हे कल बताऊंगा! इस बीच तुम मेरा एक छोटा सा काम कर दो." व्यक्ति तैयार हो गया!'
पीर बाबा बोले, "बेटा, मेरे काफ़िले में १०० ऊँट बैठ जायें, तब तुम सो जाना!" यह कहकर पीर बाबा अपने तंबू से सोने/ चले गए! व्यक्ति ऊँटों की देखभाल करने चला गया! अगली सुबह पीर बाबा ने उसे बुलाकर पूछा, "बेटा! तुम्हें रात को नींद तो अच्छी आई ना?" "कहाँ बाबा? पूरी रात मैं एक पल के लिए भी सो न सका! मैंने बहुत प्रयास किया कि सभी ऊँट एक साथ बैठ जायें, ताकि मैं चैन से सो सकूं! किंतु मेरा प्रयास सफल न हो सका! कुछ ऊँट तो स्वतः बैठ गए. कुछ मेरे बहुत प्रयास करने पर भी नहीं बैठे! कुछ बैत भी गए, तो दूसरे उठ खड़े हुए! इस तरह पूरी रात बीत गई!" व्यक्ति ने उत्तर दिया!
