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Harika Addala

Children Stories Inspirational Children

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Harika Addala

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रूप बड़ा है या गुण

रूप बड़ा है या गुण

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एक समय की बात है, एक समृद्ध नगर में एक धनवान व्यापारी रहता था! उसके पास अपार धन था! उसकी एक बेटी थी, जिसे वह अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था! जब बेटी युवा हुई, तो व्यापारी ने उसके लिए एक योग्य वर की तलाश शुरू की! वह चाहता था कि उसकी बेटी का जीवन सुखी और सुरक्षित हो! काफी खोजबीन के बाद उसे दो युवकों पर नजर पड़ी! पहला युवक अत्यंत रूपवान था, जिसके रूप से हर लड़की प्रभावित थी! व्यापारी की बेटी को वही पसंद आया, क्योंकि वह सोचती थी कि रूप ही सच्ची खुशी लाएगी! दूसरा युवक साधारण दिखता था, लेकिन वह बहुत गुणवान था - बुद्दिमान, मेहनती और दयालु! व्यापारी को यह युवक ज्यादा पसंद था, क्योंकि उसे पता था कि जीवन में गुण का महत्व रूप से कहीं अधिक होता है!

संत ने उनकी बात ध्यान से सुनी और मुस्कुराए ! उन्होंने कहा, 'चिंता मत करो, कल मैं तुम्हारी समस्या का समाधान कर ढूँगा! कल दोपहर को अपनी बेटी के साथ मेरे पास आना! लेकिन दो बातों का ध्यान रखना - शहर की सीमा के बाद वहां छोड़कर पैदल आना और पीने का पानी एक सोने की रत्नजड़ित सुराही में लाना!" अगले दिन, गर्मी के मौसम में, दोनों पैदल चल पड़े! धुप तेज थी, और सुराही का पानी गरम हो गया, जो प्यास नहीं बुझा सका! प्यासे और थते हुए वे आश्रम पहुँचे!

संत ने उन्हें एक काली मिट्टी की मटकी का ठंडा पानी पिलाया, जिससे उनकी प्यास बुझी! फिर मुस्कुराते हुए कहा,"बेटी, देखो - सोने की सुराही सुन्दर थी, लेकिन काम की नहीं! मटकी साधारण थी, पर उसका पानी तुम्हारी जान बचाया! यही फर्क है, रूप और गुण में! जीवन लम्बा है, रूप क्षणिक है, गुण शाश्वत!" बेटी समझ गई और पिता की बात मानकर गुणवान युवक को चुना!

सीख:

रूप का आकर्षण है, लेकिन  गुण ही जीवन का आधार है!


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