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Ranjeet Singh

Children Stories Classics

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Ranjeet Singh

Children Stories Classics

प्यासा कौवा" कहानी-

प्यासा कौवा" कहानी-

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एक बार भीषण गर्मी पड़ी। पूरा जंगल सूख चूका था। सभी प्यासे थे और पानी के लिए तड़प रहे थे। वहीँ एक कौआ भी बहुत प्यासा था। काफी ढूंढने पर भी उसको कहीं पानी नहीं मिल पा रहा था। पूरा दिन इधर उधर घूमने पर उसे आखिरकार एक घड़ा दिखाई दिया। लेकिन ये क्या – उस घड़े में बहुत थोड़ा सा पानी था। घड़े का मुँह बहुत छोटा था। इसीलिए कौए की चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी। क्या कौवा पानी पी पायेगा ? आप यही सोच रहे हैं ना. देखते हैं.

अब वह बड़े ध्यान से सोचने लगा और दिमाग घोड़े की तरह दौड़ाने लगा. तभी उसे एक उपाय सूझा। उसने देखा की पास ही पत्थर के कुछ टुकड़े पड़े थे। थोड़ी मेहनत का काम था लेकिन सफलता मिल सकती थी. यह सोच कौए ने एक एक पत्थर उठाया और घड़े में डालता गया। यह क्या – सफलता 🙂 धीरे धीरे पानी ऊपर आने लगा। और तेजी के साथ कौआ लगातार पत्थर डालता गया। देखते ही देखते जल्दी ही पानी ऊपर आ गया कि कौए की चोंच वहाँ तक पहुँच गई। प्यासे कौए ने पानी पिया और अपनी प्यास बुझाई और वहां से उड़ 


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