प्यार का कॉन्ट्रैक ,भाग 2
प्यार का कॉन्ट्रैक ,भाग 2
दूसरे दिन वह करेक्ट दस बजे उस जगह पहुंच जाती है , वहां जतिन पहले से खड़ा था , वह दरवाजा खोलता है , और उसे बैठने का इशारा करता है।
कोई कुछ नही बोलता है ,जतिन उसे लेकर पहले इन्फिनिटी मॉल जाता है ,और उसके लिए कुछ अच्छे ब्रांडेड कपड़े दिलवाता है , फिर एक अच्छा मोबाइल भी दिलवाता है , और फिर वही ब्यूटी पार्लर में उसे भेजकर पूरा स्टाईल चेंज करवाता है , थोड़ी देर खुद दामिनी अपने को पहचान नहीं पा रही थी वह बहुत ही सुंदर लग रही थी उसे देख लग रहा था जैसे कोई हीरोइन आ गई हो आने जाने वाला हर आदमी उसे ही देख रहा था , जतिन उसे लेकर गाड़ी में बैठता है ,और फिर उसके नए पर्स में एक लाख रुपए देता है ,और कहता है ,"अपनी मम्मी को थोड़ा थोड़ा पैसे देना एक साथ इतने पैसे मत देना।"
आज पूरा दिन जतिन उसे शॉपिंग करने और उसे सब कुछ समझाने में लगा देता है।"
दामिनी घर में आकर बताती है की उसको एक बड़ी कंपनी में अच्छी नौकरी लग गई है , और कल पापा को हॉस्पिटल में ले जाना है चेकअप करवाने ,कल मां तु एक दिन की छुट्टी ले लो।
वह मां को दस हजार देती है , तो उसके मां की आंखो में चमक बढ़ जाती है ,पर मन में एक शंका भी घेरती है तो वह बेटी से पूछती है ,"तु कोई गलत काम तो नही कर रही है ।
दामिनी कहती है ,"मां अगर कुछ गलत ही करना होता तो अब तक परेशान क्यों रहती ,ये सब जो देख रही है ,ये सब कंपनी ने दिलवाया है ,बड़ा पोस्ट मिला है ,तो कपड़े वैगेराह ढंग के होने चाहिए , और मोबाइल भी कंपनी ने दिया है , हर महीने पच्चीस हजार पगार मिलेगी , अब तो कोई तकलीफ नही होगी ना , तु अब पापा का ख्याल रखना,*"!!
दूसरे दिन वह अपने पापा और मां के साथ हॉस्पिटल जाती हैं,*"!!
हॉस्पिटल में जतिन मिलता है ,वह सीधे ले जाकर अंकल के कैबिन में बिठा देता है उसके अंकल उसे तुरंत देखते हैं और समझ जाते हैं और कहते है , "इनका अभी कुछ टेस्ट कराना है ,यही हो जायेगा मैं लिख कर दे देता हूं ।
जतिन कहता है ,"अंकल मैं जा रहा हूं ,आप देख लीजिए जो भी होगा।"
अंकल कहते हैं ,*"जतिन तुम्हारा हॉस्पिटल है ,इतना क्यों कह रहे हों, तुम बेफिक्र होकर जाओ,*"!!
जतिन कहता है,"सॉरी अंकल ।
वह दामिनी से चलने को कहता है, *!!
दामिनी मां से कहती है ,"मां सब कुछ करवा कर घर चली जाना।"
मां सर हिलाकर उसे हाथ दिखाती है , तभी एक वार्ड बॉय आता है ,और उसके पापा विजय खरे को ले जाता है ,!!
धीरे धीरे एक हफ्ता बीत जाता है , दामिनी सिर्फ दिन में जतिन के साथ घूमती है , या फिर फाइव स्टार होटल में काफ़ी पीने जाते है ,*!!
आज जतिन ने कहा था की उसकी होने वाली वाइफ होटल में आने वाले हैं , तो तुम्हे जरा इस तरह से बिहेव करना होगा की जैसे हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं ,*!!
दोपहर को लंच टाईम में दोनो हॉलीडे इन में लंच के लिए जाते हैं तो सामने ही उसके श्रेया दिखाई पड़ जाती है , उसके माता पिता भी साथ थे ,जतिन जान बूझकर दामिनी के गले में हाथ डाले एक कोने में जाकर बैठता है , श्रेया यह देख कुछ नही बोलती है ,और अंदर ही अंदर जल भुन जाती है , पर वह मोबाइल ज़ूम कर उनका फोटो खींचती है ।
शाम को जतिन के घर में खूब हंगामा होता है ,यह बात जतिन दामिनी से बताता है , तो दामिनी कहती है "यार लड़की तो अच्छी है ,तुम्हे क्या प्रोब्लम हो रही है।"
जतिन कहता है ,"यार मैं किसी और को चाहता हूं।"
करीब एक महीना गुजर जाता है , इस बीच कई बार ज्योति और दामिनी का अपना सामना होता है , ज्योति हमेशा उसे गुस्से से ही देखती है , !!
एक दिन तो जतिन के पिता हरीश चंद्र दामिनी को बुलाते हैं ,*!!
दामिनी जाती है ,तो वह उसके सामने जतिन को छोड़ने के बदले एक करोड़ रुपए देने की बात करते हैं , तो दामिनी कहती है ,"एक करोड़ नही आप सौ करोड़ भी देंगे तब भी नही चाहिए , मैं जतिन से प्यार करती हूं , !!
उसके पिता कहते हैं ,"में जतिन को ही घर से निकाल दूंगा उसे अपने काम धंधे से भी अलग कर दूंगा।"
दामिनी कहती है ,"देखिए मैं तो पहले से ही गरीब परिवार से हूं ,मुझे कोई फर्क नही पड़ता हम झोपड़े में भी रह लेंगे ,मुझे पैसे की भूख नही है।"
जब जतिन उसे घर छोड़ने जाता है तब कहता है,"यार तुमने तो इतना बड़ा मौका हाथ से हवा दिया तुम कहती तो पापा तुम्हे छोड़ने का दो करोड़ भी दे देते।"
दामिनी कहती है ,"मुझे सिर्फ वो पांच लाख रुपए ही चाहिए जो तय हुआ है ,मुझे खुशहाल जिंदगी चाहिए , परेशान जिंदगी नही।"
दामिनी के पापा की तबियत ठीक होने लगी थी डॉक्टर ने दो तीन छोटे ऑपरेशन किए थे ,जिस से उनका हिलना काफी कम हो गया था ,अब वह अपने आप कपड़े पहन और उतर लेते थे।"
तीन महीने होते होते ,ज्योति ने
जतिन से शादी के लिए मना कर दिया था,!!
पर दामिनी को जतिन से सच में प्यार हो गया था ,पर वह अपनी हैसियत जानती थी , वह चाह कर भी जतिन से कह नही सकती थी की वह उस से प्यार करती है ,उसका काम खत्म हो चुका था , आज जतिन ने उसे अपने ऑफिस बुलाया था उसका पूरा हिसाब क्लियर करने के लिए।"
वह ऑफिस जाती है ,उसका दिल अंदर से रो रहा था , पर वह क्या करती , जतिन उसकी आंखो में देखता है , और कहता है ,"थैंक्स डियर तुम्हारी वजह से मैं एक बड़ी मुसीबत से बच गया।"
वह उसे पांच लाख का चेक देता है ,तो दामिनी कहती है ,तुमने तो दो लाख पहले ही दे दिया था , फिर पांच क्यों।"
जतिन कहता है ,"तुमने बहुत अच्छे तरीके से काम को अंजाम दिया इसलिए , !!
दामिनी चुप चाप चेक उठाती है , तो जतिन कहता है ,"तुम्हे कुछ और प्रोब्लम हो तो बताओ , मैं हमेशा तुम्हारे लिए खड़ा रहूंगा।"
दामिनी दुखी मन से उठती है , जतिन कहता है ,"चलो मैं छोड़ आता हूं।"
दामिनी कहती है ,"तुम्हे सिर्फ छोड़ना ही आता है, चलो छोड़ ही दो,*"!!
जतिन उसे गाड़ी में बिठाया और छोड़ने चल दिया।"
दामिनी कहती हैं ,"तुम्हारे साथ तीन महीने बीत गए पर तुमने आज तक ये नही बताया की तुम्हे प्यार किस से है , कौन है वह खुश नसीब *"!!
जतिन कहता है ,"ठीक है तुम्हे यही जानना है तो कल तक का इंतजार करो , कल वह आ जाएगी तो उस से मिलवा भी दूंगा , वैसे मम्मी और पापा तो तुमसे शादी करवाने को तैयार हैं अब उन्हे क्या पता की तुम तो कॉन्ट्रैक्ट लवर हो ,हमारा प्यार एक कॉन्ट्रैक्ट था।"
दामिनी कहती हैं ,"अब उन्हे कैसे समझाओगे की तुम मुझसे प्यार नहीं करते थे।"?
जतिन मुस्करा कर कहता है ,"कह दूंगा की तुमने मुझे यह कर छोड़ दिया की तुम्हे अब मुझपर भरोसा नहीं रहा जैसे अपने फियांसी को छोड़ा तुम्हे भी छोड़ सकता हूं ,!!
दामिनी कहती है ,"तुम्हारे लिए ये बहुत आसान लगता है , दूसरो के इमोशन का कोई परवाह नही है ।
जतिन उसे देख कहता है ,"यार यह तो पहले से फिक्स था ,अगर मुझे इमोशन नही होता तो ज्योति क्या बुरी थी , पर मैं सच्चा प्यार करता हूं , कॉलेज के समय से उस से प्यार करता था , और उसी से शादी भी कर रहा हूं , तुम चाहो तो एक काम कर सकती हो कल मम्मी पापा के सामने आकर यह कहना होगा कि तुम मुझे मेरी हरकतों की वजह से छोड़ रही हो।"
वह उसे छोड़ता है , और जाता है ,दामिनी के अंदर से तो जैसे किसी ने जान निकल लिया था ,वह किसी भी तरह घर पहुंचती है
और वाशरूम में जाकर खूब रोती है उसकी मां उसका रोना सुन कहती है ,*" दामिनी क्या हुआ बेटी ,तुम रो क्यों रही हो, दरवाजा खोलो।"
दामिनी अपना मुंह धोती हैं, और बाहर निकलती है, उसकी मां उसे देखती है ,तो वह चुप चाप जाकर जमीन पर पड़े अपने बिस्तर पर मुंह ढक कर सो जाती है,*"!!
सुबह दामिनी साधारण कपड़े पहनती है और वह बाहर जाती है ,वहा जतिन गाड़ी लिए खड़ा था , और कहता है ,"क्या बात है ,फिर पुराने कपड़ो पर आ गई।"
दामिनी कहती है ,"" तुम्हारे लिए आसानी होगी ,में अपनी असलियत बता कर कहूंगी की मैं पूरी दौलत हड़पने के लिए सोच रही थी इसलिए तुमसे प्यार करने का नाटक किया पर अब तुमसे भी बड़ा पैसे वाला मिल गया उसके साथ का रही हूं ,इसमें उन्हे शक भी नही होगा और वह लोग मेरी बात मान जायेंगे।"
पूरे रास्ते दोनो कोई बात नही करते , हां रास्ते में एक जगह जतिन गाड़ी रोककर कुछ मिठाई का ऑर्डर देता है।
दोनो घर में पहुंचते हैं ,घर में उसके मम्मी पापा उसे साधारण कपड़ो में देख चौकते हैं,,!!
जतिन के पापा कहते हैं,"दामिनी ये क्या तुम इतने साधारण कपड़ो में क्या हुआ।"
दामिनी कहती है ,"यही मेरी हकीकत है अंकल , मैं एक झोपड़ पट्टी में रहने वाली गरीब लड़की हूं , और आपके लड़के से प्यार का नाटक किया था सिर्फ पैसे के लिए , लेकिन मुझे अब इस से अधिक पैसे वाला मिल गया है तो मैं अब आप लोगो से सॉरी बोलने आई हूं ।
इतना कह कर वह पलट कर जाने लगती है ,तो जतिन कहता है ,"अरे मेरी फ्रेंड से नही मिलेगी जिस से मैं शादी करना चाहता हूं और जिस से पिछले चार सालों से प्यार करता आ रहा हूं।"
दामिनी कहती है "क्या करूंगी मिल कर मुझे अब मेरे हाल पर छोड़ दो ,,*"!!
वह आगे बढ़ती है ,तभी पीछे से उसकी मां की आवाज सुनाई पड़ती है ,"कहां जा रही दामिनी *"!?
दामिनी पलट कर देखती है,"तो उसकी मम्मी पापा खड़े थे उसे उन्हे देख आश्चर्य होता है, वह कहती है ,"मां , पापा आप दोनो यहां क्या कर रहे हो।"
हरीश चंद्र कहते हैं ,"ये अपने बेटी की सगाई के लिए आए हैं।
दामिनी चौकते हुए कभी मां को देखती है तो कभी हरीश चंद्र को और कभी जतिन को , सभी हंसते हैं, जतिन की मां कहती है ,"बस भी करो बेचारी को कितना टेंशन दोगे तुम लोग आओ बेटी , मैं तुझे बताती हूं ,जाती तुझे कॉलेज के समय से चाहता था , पर तुमसे तो कभी कह नही सका तो हमसे कहा ,तो हमने पहले उसकी बात का विरोध किया ,पर जब वह नही माना तब हमने ही शर्त रखी थी की पहले तीन महीने तुम्हे हम ऑब्जर्व करेंगे और अगर तुम सही रही तो इसकी शादी तुमसे कर देंगे , और तीन महीने जो भी हुआ वह सब ड्रामा था ,तुम हमारे ऑब्जरवेशन में पास हो गई ,तो इसकी सगाई टूट गई ,पर आज इसकी असली सगाई है ,असली प्रेमिका के साथ।"
यह सुनते ही दामिनी रोने लगती है ,जतिन की मां उसे गले लगाती है ,*"!
दोनो की सगाई धूम धाम से होती है ,जो ज्योति का किरदार निभा रही थी वह भी आकर मिलती है ,, दामिनी तो सच में ही जतिन से प्यार करने लगी थी तो उसका प्यार भी उसे मिल गया था ,*""!!
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