मनुष्य
मनुष्य
कोई भी बेवकूफी करने पर अर्थात बिना दिमाग वाला काम करने पर हमें तुरंत ही गधा बोल कर संबोधित किया जाता है, और हम इसे एक गाली ही मानते हैं और तुरंत एक दूसरे गाली से प्रत्युत्तर करते हैं। गधे में दिमाग नहीं होता इसलिए हमारी बेवकूफी पर हम गधे का संबोधन मिलता है।
हम इसी प्रकार हमारे समाज में अनेक संबोधन जानवरों पर जैसे कोई धूर्त करने वाले काम पर लोमड़ी, सभी जगह मुंह मारने वाला कुत्ता, नीच काम करने पर सूअर, किसी को मारने पर बैल का संबोधन विख्यात है परंतु यह सोचने वाली बात है कि अगर जानवर भी इस प्रकार का संबोधन करते हैं होंगे तो उनके लिए एक ही शब्द काफी होगा "मनुष्य "क्योंकि मनुष्य जैसा स्वार्थी, नीच, धूर्त और कोई नहीं है इस जहां में।
जब कुत्ते आपस में रोटी या सीमा के बंटवारे को लेकर लड़ रहे होंगे तो वह पक्का इसी प्रकार लड़ेंगे। पहला कुत्ता बोलता होगा कि अरे! तू तो एकदम मनुष्य हो गया है जो दूसरों की सीमा में जबरदस्ती प्रवेश कर जाता है तो दूसरा कुत्ता बोलता होगा अरे! मनुष्य तो तू हो गया है जो सिर्फ अपना पेट भरने की सोच रहा है जबकि तुम्हारे पास बहुत खाने को है।
फिर भी मनुष्य की प्रवृत्ति है कि अपने प्रियतम लोगों के अलावा कोई जिए या मरे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता
