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मनुष्य जैसा स्वार्थी, नीच ,धूर्त और कोई नहीं है इस जहां में। मनुष्य जैसा स्वार्थी, नीच ,धूर्त और कोई नहीं है इस जहां में।
उसकी सिर्फ यह गलती थी कि वह सड़क के किनारे खड़े थे। उसकी सिर्फ यह गलती थी कि वह सड़क के किनारे खड़े थे।
एक अलसाई शाम जो रात से थोड़ी दूर खड़ी थी| एक अलसाई शाम जो रात से थोड़ी दूर खड़ी थी|