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Mahendra Pipakshtriya

Children Stories Inspirational

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Mahendra Pipakshtriya

Children Stories Inspirational

मेरा भारत महान्

मेरा भारत महान्

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एक बड़े से हॉल में विभिन्न देशों से आए लोग एकत्रित थे। सभी आपस में एक दूसरे के देश और धर्म की बात कर रहे थे। उसमें एक पादरी और एक मौलवी आपस में बहस कर रहे थे।

" अरे तुम जानते नहीं हो, हमारा अरब महान है।" मौलवी बड़े ही गर्वीले ढंग से बोला," खुद खुदा, तुम्हारी भाषा में कहूं तो god के दूत मैसेंजर, हजरत मोहम्मद साहब ने जन्म लेने के लिए हमारे देश को चुना।"

"अरे ये तो कुछ नहीं ।" पादरी ने ऐसे मुंह बनाया जैसे उसे मौलवी की बात से कुछ फर्क नहीं पड़ता हो," मैं उस देश का नागरिक हूं, जहां son of God तुम्हारी भाषा में कहूं तो खुदा के पुत्र पैदा होने के लिए चुनते है।"

उस दोनों की बात सुनकर पास में ही खड़े एक व्यक्ति की हंसी निकल गई, जिसे उन दोनों ने notice कर लिया। दोनों तेजी से उसके पास गए और एक साथ बोल पड़े।

" तुम क्यों हंसे? तुम कहां से हो?"

" मैं वहां से हूं जहां भगवान, तुम्हारी भाषा में कहूं तो god या खुद खुदा पैदा होने के लिए चुनते है।" कहते हुए उस व्यक्ति ने अपना भगवा अंगवस्त्र ठीक किया और मुस्कुराते हुए एक तरफ चल चल दिए।



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