मां तुम ना होती तो मेरा क्या होता ??
मां तुम ना होती तो मेरा क्या होता ??
मां अगर तुम ना होती, तो मेरा क्या होता।
मैं तो इस दुनिया में ही ना होता।
जब भी हम मां शब्द बोलते हैं तो उसमें पूरी दुनिया ही समा जाती है, क्योंकि भगवान तो हमने देखे नहीं हम सब के लिए तो हमारी मां ही हमारी भगवान है। आज मां का आभार मानने की बारी आई है। अगर मां तुम ना होती तो मैं जन्म ही ना लेता । मैं इस दुनिया में ही ना होता। अगर तुम ना होती तो 9 महीने तक अपनी कोख में कौन रखता मां । मां अगर तुम ना होती तो मेरी जीवन में खुशियां ही ना आती। बचपन से लेकर बड़े होने तक जब -जब तेरा मुख देखा है मां ,खुशियां मेरे पास आई है मां । सबसे बड़ा तुम्हारा आभार यही है कि तुम सारी खुशियां अपनी मुझे ही दे देती हो मां । चाहे तुम कितनी भी दुखी हो मेरी खुशी के लिए तू भी खुश हो जाती हो मां ।अपनी सारी खुशियां मुझे ही क्यों दे जाती हो मां । जब-जब खाने की बारी आई मां तुमने सबसे पहले मुझे खिलाया, खुद भूखी रह जाओ लेकिन पेट पर मुझे हमेशा तुमने ही खिलाया मां। बचपन से बड़े होने तक सब कुछ तुमने ही दिल आया है मां। जब चलने की बारी आई तो उंगली पकड़कर तूने मुझे चलना सिखाया है मां। आज भी जिंदगी में जहां गिरा मैं वहां तूमने मुझे उठाया है और मुझे आगे पढ़ना तूने ही सिखाया है मां। जिंदगी में जब -जब कठिन रास्ते आए तो मां तुम ने ही मुझे सही रास्ता दिखाया है और जिंदगी में आगे बढ़ाया है। रुकना तुमने कभी ना सिखाया , जिंदगी में हमेशा पढ़ना तूने ही सिखाया। पहली गुरु बनकर तुम आगे आई अ- अनार से लेकर ABC, गिनती तुमने ही सिखाई। आज जिंदगी की ऊंचाइयों पर मैं पहुंचा हूं मां ,तो संभालने हमेशा आगे आई हो मां ।कोई भी मुश्किल वक्त हो तूमने अपना हाथ कभी ना हटाया हमेशा ख्याल रखने आगे आई हो तुम मां ।
आज तक बड़ होने तक तेरा आभार कभी ना जताया है मां। आज आभार जताने की बारी आई तो इतना ही कहूंगा मैं -----
जिंदगी की पहली शिक्षक तुम हो मां ,
जिंदगी की पहली दोस्त तुम हो मां ,
जिंदगी ही तुम हो मां, क्योंकि
जिंदगी देने वाले तुम हो मां।
