STORYMIRROR

Tejeshwar Pandey

Others

4.0  

Tejeshwar Pandey

Others

जब से मिले है हम तब से ज़िन्दगी हर एक रूप में सजने लगे है

जब से मिले है हम तब से ज़िन्दगी हर एक रूप में सजने लगे है

1 min
3.2K


जब से मिले हैं हम 

तब से ज़िन्दगी हर एक रूप में सजने लगी है 

हर एक रूप में ढलने लगी है

 हम हर एक लम्हे को ख़ुशी से जीने लगे है 

बहारो की रुत में निखरने लगे है 

हाथो में हाथ लिए ज़िन्दगी को मुस्कुराते हुए जीने लगे है हम..!!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन