STORYMIRROR

यूँ कैसे...

“ यूँ कैसे आईना देखूँ, बता दे दोस्त तू मेरे, मेरा बस अक्स दिखता है, रूह तो अब भी नदारद है। ©नेहा जिंदल ”

By Neha Jindal
 222