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यूँ छिप छिप...

“ यूँ छिप छिप कर क्यों दीदार करते हो कह दो खुलकर ग़र प्यार करते हो चंद लम्हों में गुज़र जाएगी ज़िन्दगी क्यों वक़्त आने का इंतज़ार करते हो ”

By Dr Manisha Sharma
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