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ये जिंदगी...

ये जिंदगी तो यारों एक सुहाना सा सफऱ है कहीं रुक गये तो ये जिंदगी हो जाती दूभर है इसलिये तुझे सदा सफ़र में ही चलते रहना है, रोज चलने पर ही बनता है कोई शुद्ध निर्झर है दिल से विजय

By Vijay Kumar
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