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याद कर वो...

याद कर वो वक़्त जब तेरी याद में रोते थे हम, अब तू कितना भी रो, तेरे लिए रोना छोड़ चुके हैं हम। दाग जो तूने दिए, तुझे बेदाग होने न देंगे, तेरे जख्मों से मोहब्बत का रिश्ता, अब तोड़ चुके हैं हम।

By Firoz Alam
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