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वक़्त है...

वक़्त है ठहरा कहां इतिहास बना गवाह है, रुकता नही है कभी कहीं मानो इंसान सा बना है। लाया है फासले दिलों में तो कहीं दूरियां मिटाई है, इसने ज़िन्दगी की महफ़िल में अपनी शायरी सुनाई है। - मानवी शर्मा

By Manvi Sharma
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