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तुम्हारी...

तुम्हारी यादों के उजाले में आज फिर मैंने एक अंधेरी रात गुजार दी स्वप्न के दीवार पर शब्दों के रेखाओं से तुम्हारी एक तस्वीर सजा दी।। 'मो० आशिक'

By MD ASHIQUE
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