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तन्हा हूँ...

तन्हा हूँ इस बारिश में, कोई हाथ थाम ले इस बरसात में जिसके साथ पूरी रात भींग सकू लब्ज खामोश से रहे हमारे पर आँखें सब कुछ बयाँ कर दे

By shikha rani
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