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तेरे प्यार...

“ तेरे प्यार के लिये में तो तरसता हूं सावन मे भी,में धूं धूंकर जलता हूं आकर मुझे तू सम्भाल ले,साखी अब तो अपनी सांसो से ही डरता हूं दिल से विजय ”

By Vijay Kumar parashar "साखी"
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