सत्यम शिवम सुंदरम छायावादी,व्यंगात्मक,कविता शायरी,कहानी लिखना
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यह जिंदगी भी तो एक खिलौना है। आज हंसना है,तो कल फिर रोना है।। तुझे फिर क्यों चिंताओं को ढोना है। जब हर खिलौने को माटी होना है।। दिल से विजय
जो मिटाते नकारात्मक अंधेरी निशा वो होते प्रेरणादायक विचार चौबीसा जो देखते सकारात्मक विचार शीशा उनके जीवन को मिलती उन्नति दिशा दिल से विजय
उन आंखों के आंसू झरने जैसे मीठे रहते है। जो दूसरों की खुशियों के लिए सदा बहते है।। दरिया भी उनके लिए बस यही बात कहते है। परोपकारी मरकर भी दिलों में जिंदा रहते है।। दिल से विजय