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रूप से बढ़कर...

रूप से बढ़कर बुद्धि है, बुद्धि से बढ़कर भाव। भाव से बढ़कर मौन है, मौन से बढ़कर आत्मा। आत्मा ही ईश्वर का मूल तत्व है। - Amar

By amar singh
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