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नारी इदय...

नारी इदय अत्यन्त जटिल नहीं। वह जंगल के उस पुष्प की भांति है, जो अपने आंतरिक सौन्दर्य से स्वयं अंजान है। जिसे कभी न कभी समझा जा सका, उसकी दिल की गहराईयों में उस अकेले पुष्प की मात्र सुगन्ध है। जिस आयाम तक पहुंचना ही नारी हदय की चाह भर है।

By amar singh
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