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रास्ते की ...

रास्ते की उलझने डराएँगी बहुत , पर हे पथिक होकर निड़र , चलना अथक जब तक न मिल जाए पाँव को सुपथ ....सुपथ ... मनोज कुमार सामरिया “मनु"

By Manoj Kumar Samariya “Manu"
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