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फिर से काश...

फिर से काश मैं सच्चा हो जाऊँ, मन करता है बच्चा हो जाऊँ। कभी हंसू कभी रोऊँ, कभी रूठूँ कभी दौड़ लगाऊँ, माँ के आँचल में छिप कर, सारी खुशियाँ पाऊँ, मन करता है फिर , बच्चा हो जाऊँ।

By pawan punyanand
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