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क्यों अकेला...

क्यों अकेला कर दिया मुझको जमाने में क्या खता हुई मुझसे तेरा जग सजाने में धूप और आंधी से तुझको बचाने में क्या मिलाइंसं तुझको दूर जाने में

By Utkarsh Srivastava
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