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कलम तो...

कलम तो लिखने के लिए बेकरार थी कमबख्त स्याही ही खत्म हो गई मोहब्बत ने धोखा दे दिया इश्क़ बेवफा निकला ले ली मेरी जान

By Arvind Tiwari
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