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किसी दिन...

“ किसी दिन , अपनी टूटी हुई सड़क पर तुम्हारा स्टाप ढूंढ़ लूंगा । किसी दिन, तपती हुई धूप में , तुम्हारी छांव ढूंढ़ लूंगा। किसी दिन, अपने मन के अंधेरों में तुम्हारी मुस्कान का चिराग ढूंढ़ लूंगा । ”

By Nishant Singh
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