STORYMIRROR

खुद ही...

खुद ही पतझड़ मैं खुद ही बहार खुद के दर्पण में रही खुद को निहार खुद हूँ मौन मैं खुद अपनी पुकार खुद दूर रहके तुझसे निभा रही खुद का प्यार..

By shubhangi arvikar
 155