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खर्ची में...

खर्ची में मिला था दो दिन का रुपया! मैं यादों का मेला खरीद लाया! चार आने की स्वप्न निद्रा, चार आने में खेला खाया ! चार आने में मीत मिले, चार आने में तुमको पाया!

By Neelu Bhateja
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