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खौफ़ में मैं...

खौफ़ में मैं हूँ ये पंगा अच्छा खासा हो गया मेरा ही हमदर्द मेरी जां का प्यासा हो गया झूठी जो तारीफें उसकी मैंने की वो खुश रहा बात सच कह दी तो महफ़िल में तमाशा हो गया

By Vaibhav Dubey
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