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जिंदगी में...

जिंदगी में कभी धूप तो कभी छाँव है, इसमें चलता नहीं किसी का दांव है। अगर समझ सको तो एक पड़ाव है, समझ न सके तो फिर एक छलाव है।

By SHIVENDRA KISHORE
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