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हमारी...

“ हमारी ख्वाहिशों के कत्ल का मुकदमा चल रहा था अदालत में, कटघरे में खड़े हमें गुनाहगार क़रार दिया गया, और ज़िम्मेदारियां बा-इज्ज़त बरी हो जश्न मनाने लगी. ”

By veena shende
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