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हम नारी पर...

हम नारी पर आखिर कब तक मिथ्या दोष लगाएंगे। नारी के त्याग पतिव्रत का मूल्य ना उसको दे पाएंगे। हर दिल में रावण बैठाकर, हम कितने राम बुलाएंगे। सीता की अग्नि परीक्षा आखिर कब तक दोहराएंगे। अभिजित त्रिपाठी "अभि"

By Abhijit Tripathi
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