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हे...

हे ईश्वर, बाँधा था जो मन्नत का धागा तेरी चोखट पर, उस धागे की उसे भी याद दिला या उस बंधन से मुझे भी मुक्त करा। : अनुराग नेगी

By Anurag Negi
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