STORYMIRROR

हाथ से...

“ हाथ से फिसलता समय, लौट कर नहीं आयेगा रिश्ते छूट जायेगे ,ना कोई साथ जायेगा अच्छे कर्म करले बंदे ,पाप की गठरी छोड़ दे माया मोह कुछ नहीं तेरा ,सब मिट्टी में मिल जायेगा । ......अंशु शर्मा ”

By Anshu sharma
 322