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दोस्ती है...

“ दोस्ती है किसी घने पेड़ की शीतल छाँव सी , जो दिल को सिर्फ़ सुकून ही दिया करती है ! बैठ कर दोस्तों के साथ दूर हो जाते हैं सारे ग़म, बस ख़ुशियों की नदियाँ अविरल बहा करती हैं !! ”

By Anshu Shri Saxena
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