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दामन आज...

दामन आज जिस दामन पे वो उँगलियाँ उठाते है। आज जिस दामन पे वो उँगलियाँ उठाते है, भूल गए शायद कि उसी दामन के नीचे उन्हें सुकून आता था।

By Yasmeen Yasmeen
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