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बहुत टेढ़े...

बहुत टेढ़े मेढ़े राहों से गुजरता हूं दिलों को जोड़ता हूं तो कभी बिछड़न दे जाता हूं मै इश्क़ हूं, किसी अधूरी कहानी का हिस्सा हूं तो कभी टूटे दिल का किस्सा हूं..!!

By Archana Pati
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