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बहुत ही...

बहुत ही विशाल है यह दुनिया, परिवार है उसमें छोटीसी दुनिया, अपनापन जहाँ बहता है जैसे दरिया, मातापिता का साया रहे हमेशा नया !

By Raja Sekhar CH V
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