STORYMIRROR

बहुत बे रंग...

बहुत बे रंग थी मेरी ये जिंदगी, तुम मिल गई तो जिंदगी रंगों से भर गई, ठीक वैसे, जैसे बेरंग पानी, किसी रंग से मिलकर, उस रंग का हो जाता है....

By Sarvesh Saxena
 60