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"अपनी कलम...

"अपनी कलम से .........." जीवन में क्रोध विष के समान है लेकिन विष पीने से जीवन खत्म और क्रोध पीने से जीवन संवर जाता है। " नीरज सिंह "

By NEERAJ SINGH
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