सत्य जो समक्ष था मुझपर वो प्रत्यक्ष था मैं निगाहें फेर कर उससे ही बचाता रहा सत्य जो समक्ष था मुझपर वो प्रत्यक्ष था मैं निगाहें फेर कर उससे ही बचाता रहा