पंछियों की तरह आज आज़ाद तो गुम रहा हूं मैं बस वृक्षों की डालियों पर झूल जाऊं तो अच्छा पंछियों की तरह आज आज़ाद तो गुम रहा हूं मैं बस वृक्षों की डालियों पर झूल जाऊं ...